फेफड़े का इन्फेक्शन बार बार न होने दें

अपने देश में बलगम में खून आने का दूसरा महत्त्वपूर्ण कारण ‘ब्रानकियकटेसिस’ नामक रोग है। इस बीमारी में ष्वास नली में इन्फेक्शन का प्रकोप होने से, फेफड़े में स्थित ष्वास नली में लगातार सूजन रहने से उसकी दीवारें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाती हैं जिसके परिणामस्वरूप फेफड़े के अन्दर स्थित ष्वास नली की षाखाएँ या तो सिकुड़ जाती हैं या अनावश्यक रूप से गुब्बारे की तरह फूल जाती हैं। जिसकी वजह से बलगम बाहर निकलने की बजाय अत्यंत गाढ़ा होकर नलियों में स्थायी रूप से जमा हो जाता है और निकट में स्थित खून की नलियाँ भी आकार में बढ़कर कमज़ोर हो जाती हैं। इन सबका परिणाम यह होता है कि खाँसी होने पर दबाव के कारण खून की नलियाँ फट जाती हैं और खाँसी के साथ मुँह से खून आने लगता है।

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