हमारे देश में लाखों की तादाद में चाहे वो नौजवान हों या वृद्ध किसी न किसी रूप में खाँसी से पीड़ित रहते हैं। कभी जाड़ों में खाँसी का प्रकोप ठंड़ के साथ अचानक बढ़ जाता है और सूखी खाँसी बलगम वाली खाँसी में परिवर्तित हो जाती है। यों तो लगातार खाँसी बनी रहना अपने आप में ही एक चिंता का कारण है और ऊपर से अगर खाँसी के साथ बलगम और खून भी आने लगे तो ये एक गंभीर व खतरनाक समस्या है। बलगम में खून आने की दशा में लापरवाही करना सीधे सीधे मौत को निमंत्रण देने के समान है। याद रखें कि खाँसी के साथ मुँह से खून आने पर समस्या को गंभीरता व सजगता से लें और किसी थोरेसिक सर्जन यानि चेस्ट सर्जन से परामर्श लें अन्यथा लापरवाही करने से जान जा सकती है।

Dr. K. K. Pandey is a Senior Consultant in Thoracic & Endothoracic Surgery at Indraprastha Apollo Hospital, New Delhi, with 30+ years’ experience in lung cancer surgery, chest tumors, pleural diseases, VATS, esophageal surgery and minimally invasive thoracic procedures. He is also a dedicated health writer and educator.
