पसलियों के फ्रैक्चर को गंभीरता से लें

क्या कभी आप किसी मुक्केबाजी या दंगा फसाद में उलझे थे जहाँ आपको छाती में चोट आयी थी? इलाज के बाद सब कुछ ठीक ठाक हो गया था पर पसलियों में अभी भी दर्द बना हुआ है। हो सकता है कि कभी आप मोटरसाइकिल या स्कूटर चलाते वक्त गिरे हों और पसलियाँ तोड़ ली हों। जान तो बच गई पर अभी भी साँस लेने पर छाती में दर्द उभरता है। कभी यह भी हुआ हो कि कार चलाते वक्त कार की स्टीयरिंग व्हील से आपकी छाती में सीधी चोट लगी हो और पसली में दर्द के साथ साथ साँस फूलने की षिकायत रहने लगी हो। कहीं ऐसा तो नहीं कि किसी सड़क दुर्घटना में आप ज़ख्मी हुए हों जिसमें छाती चोट व पसलियों का फ्रैक्चर हुआ हो और आप कुछ दिन अस्पताल में भरती रहे हों। अस्पताल से तो छुट्टी मिल गई पर बुखार, छाती दर्द व साँस फूलने की षिकायत षुरू हो गई। इन सब परिस्थितियों में आप हाथ पर हाथ धर कर मत बैठिये तुरंत किसी अनुभवी थोरेसिक सर्जन से परामर्ष करें अन्यथा जान से हाथ धो बैठेंगे।

Read More…

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Call Us Now
WhatsApp